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शिशॠकी रूखी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठमà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होती है और आसानी से खà¥à¤¶à¥à¤• हो सकती है। मौसम, तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाने वाले उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ या कपड़े धोने के तरीके आदि सà¤à¥€ से शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रà¥à¤–ी हो सकती है।
शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² के तरीके में थोड़े-बहà¥à¤¤ बदलाव करने से उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में नमी बनाठरखने में मदद मिलेगी।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ की देखà¤à¤¾à¤² वाले उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦
हमेशा उन उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें, जो विशेषकर शिशà¥à¤“ं के लिठबने हों। शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ वयसà¥à¤•ों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होती है। बेबी के लिठआने वाले शावर वॉश, शैमà¥à¤ªà¥‚ या लोशन आम सà¥à¤•िन केयर उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में काफी सौमà¥à¤¯ होते हैं।
शिशॠके लिठआने वाले उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ बहà¥à¤¤ सी वैरायटी उपलबà¥à¤§ है। यदि आपके शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ अकà¥à¤¸à¤° रà¥à¤–ी रहती है, तो à¤à¤¸à¥‡ सौमà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ का चयन करें जिसमें परफà¥à¤¯à¥‚म न हो और जो विशेषतौर पर संवेदनशील तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठबना हो।
शिशॠको नहलाना
शिशॠको कम अंतराल में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार नहलाने या फिर उसे पानी में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक बैठे रहने देने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ खà¥à¤¶à¥à¤• हो सकती है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब à¤à¥€ आप शिशॠको नहलाती हैं, कà¥à¤²à¥€à¤‚जर से उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तौर पर मौजूद तेल की परत हट जाती है। यह तेल की परत शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नमीयà¥à¤•à¥à¤¤ रखती है।
ननà¥à¤¹à¥‡ शिशॠऔर नवजात बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ गंदे नहीं होते, इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤›à¥‡à¤• दिन छोड़कर à¤à¥€ नहलाया जाठतो कोई दिकà¥à¤•त नहीं है। हालांकि, आपको हर बार डायपर बदलने पर उसके नैपी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को साफ करना होगा और हर बार दूध निकालने या उलà¥à¤Ÿà¥€ करने पर शिशॠकी गरà¥à¤¦à¤¨ को अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ करना होगा। मगर, शिशॠको रोजाना पूरा नहलाना जरà¥à¤°à¥€ नहीं है।
जब शिशॠबड़ा होता है और आप उसे रोजाना या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बाद नहलाती हैं, तो उसे केवल पांच मिनट तक ही नहलाà¤à¤‚। कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° आप उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय के लिठपानी में खेलने दे सकती हैं, मगर रोजाना à¤à¤¸à¤¾ न करें।
शिशॠकी मालिश
तेल या लोशन से मालिश करना शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नमीयà¥à¤•à¥à¤¤ रखने का अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है।
माà¤à¤à¤‚ आमतौर पर शिशॠको नहलाने से पहले उसकी मालिश करती हैं। मगर यदि आपके शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रà¥à¤–ी है, तो आप नहलाने के बाद उसकी मालिश कर सकती हैं। नहलाने के बाद शिशॠको तौलिये ​से थपथपाकर पौंछे ताकि उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में नम रहे और तेल की मालिश से यह नमी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में बनी रहे।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप à¤à¤¸à¤¾ तेल इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें जो शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ हो। कà¥à¤› तेल जैसे कि सरसों का तेल आदि रà¥à¤–ी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को और खà¥à¤¶à¥à¤• बना सकते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सबसे बाहरी परत पर कठोर रहते हैं।
शिशॠकी रà¥à¤–ी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के लिठनारियल तेल या बादाम का तेल अचà¥à¤›à¤¾ रहता है।​ खनिज या वनसà¥à¤ªà¤¤à¥€ तेल à¤à¥€ जलà¥à¤¦à¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ में समाहित हो जाते हैं और फायदेमंद हो सकते हैं। यदि तेल तà¥à¤µà¤šà¤¾ में अचà¥à¤›à¥‡ से समाहित न हो और गरà¥à¤®à¥€ में शिशॠको पसीना आठतो तà¥à¤µà¤šà¤¾ में फंसी नमी से वासà¥à¤¤à¤µ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ में जलन या फिर घमौरी हो सकती है।
यदि आप लोशल से मालिश कर रही हैं, तो शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करने से पहले शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ से पानी अचà¥à¤›à¥€ तरह पौंछ दें। à¤à¤¸à¤¾ लोशन चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ जो संवेदनशील तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ हो। यदि आपके शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रूखी है, तो आप दिन में दो बार उसे मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° लगा सकते हैं।
बदलते मौसम में तà¥à¤µà¤šà¤¾ में रूखापन
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आमतौर पर शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤µà¤šà¤¾ रूखी होना आम है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हवा में नमी कम होती है। हीटर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से हवा और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शà¥à¤·à¥à¤• हो जाती है। गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हर समय à¤à¤¯à¤° कंडीशनर चलाने से à¤à¥€ हवा में नमी नहीं रहती।
बदलते मौसम में होने वाले रूखेपन से शिशॠको बचाने के लिठऊपर बताठगठउपायों के साथ-साथ आप कमरे में हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर चलाà¤à¤‚। हवा में आरà¥à¤¦à¥à¤°à¤¤à¤¾ बढ़ाने से शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर शà¥à¤·à¥à¤• हवा का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कम हो सकता है।
शिशॠके कपड़े
कई बार, वाशिंग पाउडर के अंश बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कपड़ों मे रह जाते हैं। à¤à¤¸à¤¾ अकà¥à¤¸à¤° कपड़ों को पानी से अचà¥à¤›à¥€ तरह न धोने या फिर वाशिंग मशीन में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कपड़े डालने की वजह से होता है। डिटरà¥à¤œà¥‡à¤‚ट के ये अंश शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर साबà¥à¤¨ की तरह काम करते हैं और उसमें जलन या फिर रूखापन पैदा कर सकते हैं।
शिशॠके कपड़े उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ से जहां रगड़ खाते हैं वहां यदि आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ रूखी लगे तो कम डिटरà¥à¤œà¥‡à¤‚ट का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² या मशीन में कपड़ों को पानी से धोने का फंकà¥à¤¶à¤¨ दोबारा चलाकर देखें। आप चाहे तो आम डिटरà¥à¤œà¥‡à¤‚ट की बजाय बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के ​कपड़ों के लिठआने वाला विशेष डिटरà¥à¤œà¥‡à¤‚ट इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
​रूखी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लिठपारंपरिक उपचार
रूखी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के उपचार के लिठकई पारंपरिक घरेलू उपचार हैं। हालांकि, इनमें से सà¤à¥€ शिशà¥à¤“ं के लिठउचित नहीं हैं, मगर आप निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित उपायों में से कà¥à¤› आजमाकर देख सकती हैं:
गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¥€à¤¨ और गà¥à¤²à¤¾à¤¬ जल को बराबर मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤• बोतल में डालकर मिलाà¤à¤‚। इसे अचà¥à¤›à¥€ तरह हिलाà¤à¤‚ और जब आपके शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ नम हो तब इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। इसके सूखने के बाद आप अपनी सामानà¥à¤¯ तौर पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाने वाली कà¥à¤°à¥€à¤® या लोशन लगा सकती हैं।
बादाम के तेल की कà¥à¤› बूंदें दही में मिलाà¤à¤‚। इस मिशà¥à¤°à¤£ को अपने शिशॠके शरीर पर लगाà¤à¤‚। पांच मिनट तक इसे लगा रहने दें और फिर गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी के साथ धो दें। दही को बेहतरीन कà¥à¤²à¥€à¤‚जर और मॉइशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° माना जाता है।
इन उपचारों को सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आजमाने की सलाह नहीं दी जाती, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनसे शिशॠको ठंड महसूस होगी। साथ ही, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि शिशॠइनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤‚ह में न निगले।
अगर आपके शिशॠको खà¥à¤œà¤²à¥€ वाले लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ हो गठहैं तो यह à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ à¤à¥€ हो सकता है। कई बार नियमित रूप से माॅइशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œ करने पर à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ का इलाज हो जाता है। मगर यदि, चकतà¥à¤¤à¥‡ ठीक नहीं होते और आपके शिशॠको वहां खà¥à¤œà¤²à¥€ होती रहती है तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। संà¤à¤µà¤¤: वह साबà¥à¤¨ और लोशन की जगह आपको à¤à¤®à¥‹à¤²à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने को कहेंगे। अगर à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही गंà¤à¥€à¤° है तो वे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जगह पर उचित आइंटमेंट लगाने के लिठकह सकते हैं।
रूखी तà¥à¤µà¤šà¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ à¤à¥€ हो सकती है। अगर आपको अपने शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में किसी दरार से पीले रंग का पदारà¥à¤¥ निकलता या सूजन दिखे तो तà¥à¤°à¤‚त इसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚।
कà¥à¤› दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में खà¥à¤¶à¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ इकà¥à¤¥à¥€à¤“सिस नाम की अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को à¤à¥€ दरà¥à¤¶à¤¾ सकती है। इसमें रूखी तà¥à¤µà¤šà¤¾ परत के साथ या कà¤à¥€-कà¤à¥€ लाल दिखती है। इसमें अकà¥à¤¸à¤° हथेली और तलवे à¤à¥€ मोटे हो जाते हैं। अगर आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को आशंका है कि आपके शिशॠको इकà¥à¤¥à¥€à¤“सिस है तो वह आपको इलाज के लिठतà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग विशेषजà¥à¤ž (डरà¥à¤®à¤¿à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ) के पास à¤à¥‡à¤œ सकते हैं।
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